राजस्थान : पाषाण युग

राजस्थान : पाषाण युग
Q. 1. गिलूण्ड सभ्यता राजस्थान के किस जिले में स्थित है ?
   (1) गंगानगर
   (2) राजसमन्द ✔
   (3) सीकर
   (4) उदयपुर
2. गणेश्वर सभ्यता के उत्खननकर्ता थे -
   (1) बी. बी. लाल
   (2) डी. साँकलिया
   (3) बी. के. थापर ✔
   (4) उपर्युक्त में से कोई नहीं
3. कालीबंगा सभ्यता वर्तमान में किस नदी तट पर है ?
   (1) घग्घर ✔
   (2) लूणी
   (3) कान्तली
   (4) बनास
4. नोह के उत्खनन से मृदापात्र पर स्वास्तिक का चिह्न मिला, किस जिले में स्थित है -
   (1) जयपुर
   (2) जोधपुर
   (3) टोंक
   (4) भरतपुर ✔
5. राजस्थान के किस स्थल से ताम्र पाषाणिक सभ्यता के प्रमाण मिले हैं ?
   (1) आहड़ ✔
   (2) रैमाबाद
   (3) कायथा
   (4) एरण
6. कालीबंगा किस जिले में है ?
   (1) उदयपुर
   (2) गंगानगर
   (3) हनुमानगढ़ ✔
   (4) सीकर
7. गणेश्वर सभ्यता किस नदी के किनारे विकसित हुई ?
   (1) कांतली ✔
   (2) बाणगंगा
   (3) सरस्वती
   (4) घग्घर
8. राजस्थान की किस सभ्यता को ताम्रवती सभ्यता भी कहते हैं ?
   (1) कालीबंगा
   (2) आहड़ ✔
   (3) बैराठ
   (4) गणेश्वर
9. बैराठ का नाम किस प्राचीन ग्रंथ में मिला -
   (1) अर्थशास्त्र
   (2) गीता
   (3) महाभारत ✔
   (4) रामायण
10. कालीबंगा के अवशेष किस नदी के किनारे मिले -
   (1) घग्घर ✔
   (2) लूनी
   (3) कांकनेया
   (4) मसूप्दी
11. नवीन पाषाण युग के संबंध में कौन सा कथन असत्य है?
   (1) नवीन प्रस्तर युग का मानव कृषि कार्य की ओर अग्रसर हो गया था |
   (2) नवीन प्रस्तर युग के मानव ने कुत्ता व गाय आदि पशुओं को पालना प्रारंभ कर दिया था |
   (3) नवीन पाषाण युगीन मानव जादू-टोनों या अंधविश्वासों से ग्रसित था |
   (4) उपर्युक्त सभी असत्य है | ✔
12. सिन्धु घाटी सभ्यता का उपयुक्त नाम है -
   (1) सिन्धु सभ्यता
   (2) कालीबंगा
   (3) हड़प्पा सभ्यता ✔
   (4) सभी
13. हड़प्पा सभ्यता के उत्खनन कर्ता है -
   (1) राखल दास बनर्जी
   (2) बी. बी. लाल
   (3) एन. जी. मजूमदार
   (4) दयाराम साहनी ✔
14. रेडियो कार्बन सी - 14 के अनुसार हड़प्पा सभ्यता का कार्यकाल कितना है?
   (1) 3000 से 15000 ई. पू.
   (2) 2300 से 1750 ई. पू. ✔
   (3) 3000 से 170 ई. पू.
   (4) 2500 से 1500 ई. पू.
15. सिन्धु घाटी सभ्यता के लोग अपरिचित थे -
   (1) ताँबे से
   (2) लोहे से ✔
   (3) आग से
   (4) कृषि से
16. स्क्रेपर और पाइन्टर नामक उपकरण किस युग से संबंधित है -
   (1) प्राचीन प्रस्तर युग
   (2) नवीन पाषाण युग ✔
   (3) धातु युग
   (4) आधुनिक युग
17. वह नदी जिसके तट पर द्वैतवन नामी पराक्रमी मत्स्यराज ने चौदह अश्वमेघ यज्ञ सम्पादित किए थे -
   (1) दृषदृती का तट
   (2) सरस्वती का तट ✔
   (3) लूनी का तट
   (4) घग्घर का तट
18. प्राचीन प्रस्तर युग का वह हथियार जिसका प्रयोग शिकार के लिए किया जाता था -
   (1) हैण्डएक्स
   (2) क्लीवर
   (3) चाँपर
   (4) उपर्युक्त सभी ✔
19. 'बलि' देने की प्रथा किस युग में प्रारंभ हुई?
   (1) प्राचीन प्रस्तर युग
   (2) नवीन पाषाण युग ✔
   (3) धातु युग
   (4) आधुनिक युग
20. धातु युग प्रारंभ हुआ -
   (1) आज से लगभग छह हजार वर्ष पूर्व ✔
   (2) आज से लगभग दस हजार वर्ष पूर्व
   (3) आज से लगभग बीस हज़ार वर्ष पूर्व
   (4) आज से लगभग पचास हजार वर्ष पूर्व
21. राजस्थान में आज से लगभग 2 लाख वर्ष से पचास हजार वर्ष पूर्व प्रचलित संस्कृति थी -
   (1) प्राचीन प्रस्तर युग की संस्कृति ✔
   (2) नवीन पाषाण युग की संस्कृति
   (3) धातु युग की संस्कृति
   (4) ताम्रयुगीन संस्कृति
22. माध्यमिका ( चित्तौड़गढ़ के पास ) पर इनमें से किसका अधिकार था?
   (1) यदुवंशियों
   (2) शाल्वसेनियों
   (3) शिवियों ✔
   (4) (1) व (2) दोनों
23. प्राचीन प्रस्तर युगीन संस्कृति में मानव का सबसे अधिक महत्वपूर्ण कार्य था -
   (1) लकड़ी, हड्डियों व पत्थरों के अस्त्र-शस्त्र बनाना ✔
   (2) अन्न उत्पन्न करना
   (3) धातुओं के उपकरण बनाना
   (4) छोटे-छोटे मकान बनाना
24. प्राचीन प्रस्तर युगीन संस्कृति के संबंध में कौनसा कथन असत्य है?
   (1) प्राचीन प्रस्तर युगीन मानव कृषि कला से परिचित था ✔
   (2) प्राचीन प्रस्तर युगीन मानव जंगली जानवरों के शिकार या जंगलों से कंदमूल एकत्रित करके अपना पेट भरता था
   (3) शिकार करने के लिये इस युग का मानव पत्थर के भद्दे अस्त्र - शस्त्र बनाता था
   (4) प्रस्तर युगीन मानव घास - फूस की कुटिया में या वृक्ष या पर्वत की कंदरा में निवास करता था
25. नवीन पाषाण युग के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?
   (1) कृषि, पशुपालन, बुनाई तथा बस्ती बसाकर रहने की आदत ने संस्कृति के पथ को स्थिरता प्रदान की |
   (2) गाँवों और समाज में संगठन की भावना का विद्यमान होना भी इस युग की एक नवीनता थी |
   (3) अनेक गतिविधियों में स्त्री-पुरुषों का सह-जीवन श्रम विभाजन का पहला सोपान था |
   (4) इसी युग में धातु कर्म संबंधी तकनीकी ज्ञान के अंकुर बोये गए | ✔

No comments:

Post a comment